Wednesday, June 9, 2010

( भोपाल 2 दिसंबर 1984 की मध्य रात्रि )


“न्याय का कत्ल”
मोबाइल पे एक "एस ऍम एस" आया !

लिखा था “एक जान की कीमत एक रुपए”
“वारैन एंडरसन जीत गया और सभी भारतीय हार चुके है”

ये कमाल है भारतीय शासन और न्याय प्रणाली का जिसके नाकारेपन पर अब शर्म आ रही है .खुले आम जो कत्ल हुआ है उस पर भी हमारी निकामी सरकार ने दोसियो को सजा सुनने मे २५ साल लगा दिया. "दुनिया की सबसे ब़डी त्रासदियों में से एक भोपाल गैस कांड के लिए जिम्मेदारों को केवल दो-दो साल की सजा अपमानजनक है।

जस्टिस फैजानुद्दीन, पूर्व लोकायुक्त ने कहा की सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर भूल की समाचार पत्रों में ऐसे बयान आ रहे हैं कि विदेश मंत्रालय से ऐसा आदेश था कि वारेन एंडरसन के प्रत्यर्पण पर जोर न दिया जाए। ऐसी स्थिति में आज तो प्रत्यर्पण बिल्कुल संभव नहीं है। घटना के बाद से ही अमेरिका की सरकार का दबाव रहा होगा। इसका अंदाजा एंडरसन को छह घंटे में जमानत मिलने और उसके लौट जाने से लगता है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में गंभीर भूल की है जो इतने बड़े हादसों में उन धाराओं के तहत मुकदमा चलाए जाने के आदेश दिए जिनमें दो साल तक की सजा का ही प्रावधान था।

भोपाल की जनता के साथ खिलवाड़ किया गया।केंद्र और प्रदेश सरकार ने जांच में हस्तक्षेप कर असली आरोपियों को बचाने की कोशिश की। इससे सीबीआई की भूमिका पर भी सवालिया निशान लग गया है।
दुनिया भर के मीडिया ने भोपाल गैस कांड पर भारत सरकार के रवैये को संवदेनहीन करार देते हुए उसकी कड़ी निंदा की है। गौरतलब है कि अदालत ने गैस कांड में आठ लोगों को दोषी ठहराते हुए महज दो साल की कैद की सजा सुनाई थी। इन आठ लोगों में एक की मौत हो चुकी है, बाकी आठ को जमानत पर रिहा कर दिया गया। अमेरिकी मीडिया ने भी भारतीय न्याय व्यवस्था की खिंचाई की है। द न्यू यॉर्क टाइम्स ने कहा है, भारतीय कोर्ट बदनाम होने की हद तक धीमी गति से काम करती हैं। भोपाल गैस त्रासदी मामले में तो यह साबित हो गया है कि पैसे वाले भारतीय न्याय व्यवस्था को मूर्ख बना सकते हैं।

एक हमारी मीडिया है जिसको राखी सावत से फुर्सत कहा की भोपाल गैस पीडितो का मुदा उठाए ओ तो टी आर पी के लिए टीवी सीरियल को भी न्यूज़ बना देती है.
पता नहीं हमारे इस लाचार देश की लाचार न्याय प्रणाली की टी आर पी कब बढ़ेगी.........??????

Monday, May 25, 2009

दिल ये छोटा सा छोटी सी आशा ... चाँद तारों को छूने की आशा ..

“आज बहुत दिनों के बाद ओ बहुत खुश थी”
लगता था की जैसे ओ फ़िर से अपनी पुरानी जिंदगी मे आ गई हों
आज उसका एक मेसेज मिला की " आज मै बहुत खुश हु " मैने उसका जवाब दिया की आप को खुश देख कर मै भी बहुत खुश हु और फ़िर ओ अपनी छोटी सी दुनिया मे खो गई अपने दोस्तों के साथ । पर पहले ओ इतना बात नही करती थी जब भी ऑनलाइन मुलाकात होती थी कुछ न कुछ बहाना बना कर चली जाती थी और कुछ दिनो बाद मै अपने गाव चला गया दादा जी बहुत बीमार थे , मै जब वापस आया तो एक दिन मुलाकात इस छोटी सी आशा से हुई बस इऊ ही मैने पूछ लिया क्या हाल है तो पता चला की उनके दादा जी अब इस दुनिया मे नही रहे सुन कर बहुत दुःख हुआ यही से हमारी बात सुरु हुई थी । फ़िर तो जब भी ओ ऑनलाइन मुलाकात होती थी कुछ न कुछ ख़बर जरुर लाती थी आज ऐ हो गया आज ओ हो गया अपने आस पास की घटनाओ से अवगत कराती थी।बिल्कुल छोटे बच्चो की तरह ओ सब बता जाती थी । फ़िर मै अपने काम मे वयस्त रहने लग गया और नेट पे भी आना कम हो गया था और फ़िर एक दिन अचानक छोटी सी आशा से मै ऑनलाइन मिला ओ बहुत परेशान सी लग रही थी लगता था जैसे ओ कुछ कहना चाह रही हो पर कह नही पा रही थी पर जब उसने अपनी तकलीफ बताई तो लगा की सारे दुखो का पहाड़ उसी पे टूट पड़ा है उसकी एक छोटी सी आशा दहेज की भेट चढ़ चुकी थी अब उसकी समज मे नही आ रहा था की उसकी गलती क्या है , ओ किस गलती की सजा भुगत रही है
इस घटना के बाद मै जब भी बात करता था तो मै सोचता था की किसी तरह ये अपने साथ हुई पुरानी बातो को भूल जाए और अपनी ख्वाबो की दुनिया मे चाँद तारों को छूने की आशा रखे और उसे हकीकत मे बदले और बहुत दिनों बाद ओ फ़िर से पहले की तरह लग रही थी उसकी बातो मे थोडा विश्वास दिखाई दे रहा था

“ ओ अपना कदम चाँद तारों को छूने के लिए ये बढ़ा चुकी थी ”

Saturday, November 29, 2008

"मुंबई के समुन्द्र तटों पर तेल का काला कारोबार"

१- आज कुछ लोगो से पता चला है की मुंबई मे आने वाले जहाज अपनी आयल पर कस्टम्स ड्यूटी बचाने के लिए एक्स्स्स आयल यहाँ के लोकल फिशेरमन को बेच देते है . जो की बहुत ही संगीन मामला है ,ऐसा नही लगता की ये प्रशासन को पता नही है , हमारी समुन्द्र तटों पर कालाबाजारी अपनी चरम पर है तो सुरक्षा का सवाल ही नही उठता जिस तरह से आतंकवादी ओ ने हमारी सुरक्षा का मजाक उडाया है उस से तो लगता है कही कुछ गड़बड़ जरुर है ।

2-आज न्यूज़ मे देखा की किस तरह से एक छोटे मचली पकड़ने वाले ने पुलिस को बताया था की कुछ बंगला देशी मुंबई के तटों पर अवैद सामानों को ला रहे है पर उसकी बात को पोलिस ने अनदेखा कर दिया । कुछ कुछ कुछn रूपए के लिये हमारी सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालो को मॉफ नही किया जा सकता ।

३- हमारे समुन्द्र तटों पर निगरानी करने की जीमेवारी जिस पर है ओ कहा सो रहे थे .....

४-कितना हासय्पद लगता है की "CST" टर्मिनस पर पोलिस हात मे ड्डा पकड़ कर लोगो की हिफाज़त करती है । AK 47 से लोगो को मौत के घाट उतरा जा रहा था। रेलवे पोलिस लोगो की रछा कैसे करती जब उनके पास बन्दूक ही नही है।

5-हमारे न्यूज़ चैनलओ ने तो बतमीजी की हद पार कर दी है । हमारे लोग मारे जारहे है और ओ राखी सावंत से कह रहे है की आप को कुछ कहना है इस हमले के बारे मे।

Wednesday, November 26, 2008

कौन हैं मुंबई हमला करने वाले ये आतंकी?


मुंबईः मुंबई में जिस तरह का आतंकवादी हमला हुआ है, यह अपने आप में हैरतअंगेज है। अब तक अगर संसद पर हुए हमले को छोड़ दें तो आतंकवादियों ने इस तरह के हमले नहीं किए थे। इसलिए खुफिया एजंसियों के लिए यह अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल है कि ये लोग कौन हैं। इस बीच कुछ टीवी चैनलों को एक मेल मिलने की खबर है जिसमें डेकन मुजाहिदीन नामक एक संगठन ने आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी ली है। यह मेल हिंदी में लिखा बताया जाता है।

इस संगठन का नाम पहले कभी नहीं सुना गया। इस आतंकवादी हमले का नेचर भी कुछ अलग है। बम धमाके करने के बाद उन्होंने कई जगहों को अपने कब्जे में लेने की कोशिश की है। अब तक आतंकवादी सीरियल धमाके करते रहे हैं लेकिन पहली बार उन्होंने होटलों और अस्पतालों में घुसकर मशीन गनों से फायरिंग की है और लोगों को बंधक बनाया है। अधिकतर वारदातें मुंबई के दक्षिणी इलाके में हुईं है। सांताक्रूज एयरपोर्ट के पास भी ग्रेनेड ब्लास्ट हुआ है।

आतंकवादियों ने ओबरॉय और ताज होटलों को निशाना बनाया है, जहां देश-विदेश के कई वीआईपी मौजूद हैं। ताज होटल में ही तीन सांसदों और एक अडिशनल चीफ सेक्रटरी के होने की खबर है। इसके अलावा विदेशी टूरिस्ट सैकड़ों की तादाद में इन होटलों में ठहरते हैं। इसलिए आतंकियों ने जानबूझकर इन होटलों को निशाना बनाया है ताकि विदेशों में भारत की छवि खराब की जा सके। साथ ही आतंकी जिस तरह सड़कों पर गोलियां बरसाते घूम रहे हैं, उसका मकसद सीधे-सीधे दहशत फैलाना है।

देश पर सबसे बड़ा आतंकी हमला

आतंकी हमलों से दहली मुंबई। इन हमलों में 80 लोग मारे गए हैं। चौपाटी में 2 आतंकवादी ढेर। आतंकवादियों के साथ एन्काउंटर में एटीएस चीफ हेमंत करकरे मारे गए। एन्काउंटर स्पेशलिस्ट विजय सालस्कर भी मारे गए। डेकन मुजाहिदीन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली। ट्राइडंट होटल में 40 लोग बंधक। ओबरॉय होटल में ताजा फायरिंग। ओबरॉय होटल में सेना घुसी। ताज होटल में 2 आतंकवादी मारे गए। अभी इस होटल में 2 आतंकवादी हैं। कामा हॉस्पिटल में भी एन्काउंटर शुरू। कामा हॉस्पिटल में 2 आतंकवादियों के होने की खबर है।

Tuesday, November 18, 2008

शेयर मार्केट

आज शेयर मार्केट का जो हाल है , उसका जिमेदार कौन है ?
आम जनता को जो खामियाजा भुगतना पड़ रहा है , उसका जिमेदार कौन है .........
ओ उद्योगपति जिनोहो ने अधिक मुनाफा कमाने के लिए बिकवाली की ...?
विदेशी निवेशक ...?
हमारे नेता ....?
हमारी सरकार की अदूरदर्शिता ...?
ऍम अन सी कंपनिया लोगो को रोजगार से निकाल रही है॥
ओ दलील दे रही है की मुनाफा कम है कंपनी घाटे मे चल रही है । जब इन कंपनियो को करोडो का मुनाफा
हुआ तब तो अपने एम्प्लोय को नही बताय की हम ने कितना कमाया , तो फ़िर आज घाटे की दलील देना कहा तक उचित है ...

Monday, March 17, 2008

aaj mai apney barey mey aap ko batan chahta hu.